बुधवार, 18 मई 2011

एक नाजुक राज कुमार---------------------------------

एक नाजुक राज कुमार क्या कर सकता है जबकि सबूत उसके पास है सरकार उसकी है .............

अन्ना हजारे की तरह जंतर  मंतर पर धरना भी  नहीं दे सकता है .................................

अब मेरी उम्र का किसी किसान का लड़का हाथ में बन्दूक उठा ले तो उसे माओवादी कहाजाएगा..क्या करेगा वो..बाप की लाश भी नहीं छोड़ी इस सरकार ने ..माँ और बहन का सामूहिकबलात्कार पुलिसिया गिद्धों ने उसके सामने किया फिर भी हम कहेंगे की अहिंसा परमोधर्मः....किसान किसी को मारे तो वो मुख्य समाचार बन जाता है और ८० किसानों  को जलादिया गया उसकी चर्चा भी नहीं..ये SEZ बना कर दलाली खाने का जो खेल सरकार ने शुरू कियाहै वो कई नंदीग्राम और सिंगूर पैदा करने वाला है...क्यूकी व्यवस्था से असहाय व्यक्ति के पासशस्त्र उठाने  के अलावा कोई चारा नहीं रहता है...
आज जो भी व्यक्ति ये ब्लाग या ईमेल पढ़ रहा होगा उसे शायद कोई लेना देना नहीं होगा इसकिसानो से मगर बंधू उन किसानो के बाद आप का ही नम्बर  है क्यूकी उसके बाद सबसेकमजोर आप हैं..
जरा परिकल्पना करें की आप के घर में १०-१२ सरकार समर्थित पुलिस वाले गुंडे आते हैं..आप कोगोली मार देते हैं और बेटी का सामूहिक बलात्कार,बेटे को जेल और पत्नी को नंगा करके सड़क पे परेडकरते हैं ..अभी तो ये एक भयावह कल्पना लग रही है मगर समाज के सबसे आखिरीतबके के साथ ये शुरू हो चूका है अगला नंबर आप का है...

पूरी पोस्ट यहाँ पर ....http://ashutoshnathtiwari.blogspot.com/2011/05/blog-post_17.html

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