बुधवार, 29 जून 2011

एक आवश्यक सूचना सभी लेखकों एवं पाठको के लिए..

बाबा या अन्ना का विरोध करें बड़ा ब्लोगर बने ....
मित्रों 
आज कल एक नया फैशन चलाया है कांग्रेस समर्थकों ने या यूँ कह ले सरकारी दलालों ने..बाबा या अन्ना विरोध का...बाबा और अन्ना के आन्दोलन के बाद ये लोग इतने डरे सहमें हैं की जनता के गुस्से को भांप कर सारी सरकारी मशीनरी सक्रिय कर दी है बाबा और अन्ना के खिलाफ...अब सरकार प्रायोजित विज्ञापनों और विरोधो से जनता भटकने से रही क्यूकी सरकार की नियत पर से उसी दिन विश्वास उठ गया जिस दिन रात को सोते समय महिलाओं और बच्चों पर  सरकरी गुंडों ने लाठी और गोलिया बरसाई ...
अब सरकार के थिंक टैंक ने मीडिया को खरीदना शुरू किया...रातो रात अब तक तटस्थ रहने वालों पत्रकारों एवं सामूहिक ब्लोगों की निष्ठाएं बदलती गयी...अभी एक बहुत ही सम्मानित ब्लॉग पर देखा की उसके पास सारे टाप के लेखों में शुरू से अंत तक बाबा बिरोध और उनको अपशब्द लिखा गया था..
अब इसमें फायदा सरकार और उन लेखकों का भी है..जो अन्ना को बाबा को जितनी ज्यादा गाली देगा वो हिट रहेगा..कल तक जिनको कोई नहीं जनता बाबा को गाली दे लो सब जन जायेंगे..
जैसे मैं ब्याक्तिगत रूप से बात करू तो अयंगार (शायद कोई योग गुरु है??) को मैं नहीं जनता था जब बाबा को भला बुरा कहा सब जान गए...
बात लेखकों की हो रही है तो बाबा के समर्थकों को कोई नहीं नोटिस करेगा क्यूकी बाबा का समर्थन और सरकार का विरोध सबके मन में है इसलिए कोई नयी बात नहीं...पूरा देश इस सरकार से त्रस्त है ......तो अगर किसी ने लिखा कांग्रेस की बेईमान  सरकार शायद कोई न ध्यान दे..मगर यदि खान्ग्रेश की ईमानदारी या उपलब्धि लिखी जाये तो कम से कम एक बार सबके मन में ये इच्छा रहेगी की जरा देख लें ..ठीक उसी प्रकार अगर 
 कोई लेख बाबा के विरोध में लिखा जाये तो सरकारी दलालों की TRP मिलेगी ही बाबा या अन्ना  समर्थक भी अपना पक्ष रखने जायेंगे..हो गया लेख और लेखक हिट....अब बात विरोध की चली है तो एक और ..हिट मुद्दा कई सम्मानित(??) लेखक अपने लेख में भगवा गुंडा शब्द प्रयोग करते हैं...अब उन लेखों को समझना चाहिए की ये भगवा ही है जो हिन्दुस्थान में बैठकर भगवे को गाली देते हो और जिन्दा हो...जरा पड़ोस में हरे रंग को गाली दे कर देखो(खैर वो तो भारत में भी नहीं दे सकते )..
अभी किसी ने बताया की एक BABA BIRODHI LEKHAK MANCH बनाये जाने का प्रयास हो रहा है..या तो नया सामूहिक ब्लॉग बनेगा या किसी स्थापित ब्लॉग में धीरे धीरे प्रबंधन को मिला कर या सेकुलर(हिंदी विरोधी) लोगो की जमात सक्रिय कर तथा सक्रिय हिन्दुओं को ठिकाने लगा उस स्थापित ब्लॉग को नया रूप धीरे धीरे दे दिया जायेगा....

मित्रों जब बाबा और अन्ना जैसे लोगो ने इस सरकार और कुछ बिके हुए बौधिक अंग्रेज खान्ग्रेसी गुलामों के खिलाफ अलख जगाई है तो हम सब का कर्तव्य है की उस नेक मकसद में सहायता करें न की चंद लेखकों के हाथ की कठपुतली बन के रह जाये..इसलिए किसी के विचारों पर हा जी या बहुत अच्छा लिखने से पहले सोच ले की ये किसी उभरते हुए लेखक की कविता नहीं जो उसे अति सुन्दर लिखकर आप प्रोत्साहन दे रहे हैं...आप का बाबा या अन्ना विरोधियों को प्रोत्साहन आप की आने वाली पीढ़ी को भयानक समस्याओं में डाल सकता है.. जयचंद इसी हिन्दुस्थान में पैदा हुए हैं और उनके धर्म पुत्र आज भी उस जयचंदी परम्परा को आगे बढ़ा रहें हैं..

आइये एक बार दोहराए  अपने भविष्य के लिए अपने बच्चे और अपने परिवार की तरक्की के लिए कि बाबा हो या अन्ना हम उन सभी लोगों के साथ हैं जो इस भ्रष्ट व्यवस्था से हमें मुक्ति दिलाने में आगे आयें है...जिन्होंने लाखों विरोधों के बाद भी अपना आन्दोलन जरी रखा है..

जय हिंद 

8 टिप्‍पणियां:

  1. आशुतोष जी आप ने बहुत ही गंभीर मुद्दा उठाया है , जो लोग भी बाबा का विरोध कर रहे हैं उस के पीछे उनके निजी स्वार्थ या हित हैं जैसे की मीडियाकर्मी इसलिए बाबा का विरोध कर रहे हैं क्यूँकी स्विस बैंक में उनका या उनके अन्न दाताओं का भी पैसा है आप ने जिस योग गुरु का नाम लिखा हिया उनका दर्द ये हिया की अभी तक योग एक बहुत ही महंगा उत्पाद था बाबा में तो फ्री में सबको दे कर उनका बाजार ख़राब कर दिया और उनकी कमाई पर आघात हो गया और जहाँ तक ने ब्लोगेर की बात है वो एक पुरानी पंक्ति है "आज मैंने मुफ्त में नाम कमाया .अपने से बड़े शक्श को गाली दी है "......वैसे एक सुझाव है हमें विरोधियों से आगे रहते हुए बाबा रामदेव के समर्थकों का एक संयुक्त मंच बना लेना चाहिए |हमरे साठग भी ब्लॉग जगत की बड़े लोग अवश्य ही जुड़ जायेंगे

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  2. पाठक मूर्ख नही है सबको पता है कि सत्य क्या है अन्ना का विरोध तब सही होता जब लोकतंत्र अपना कार्य सुचारू रूप से कर रहा होता इन लोगो ने आज वह स्तर ला दिया है कि बिना अन्ना के कुछ होने जाने वाला नही है लिखते है लिखने दो अपना स्तर खुद ही गिरायेंगे

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  3. ये सब लोग गद्दार हैं ..क्योकि अगर देश की चिंता होती तो मुद्दा बाबा या अन्ना का न बनाते इ...कालेधन को लाने वाले का साथ देते ..ऐसा सोचने वाले तो देश द्रोही हैं ही इसमें कोई शक नहीं ..लेकिन उनका साथ देने वाले भी उतने ही गुनहगार हैं जितने वो हैं ...सबी पाठकों से यही अनुरोध है की बिना सोचे समझे ऐसे लोगो का साथ मत दो ....और इनके ब्लॉग को भी मत विजिट करो भूल से एक आधी बार हो जाता है तो कोई बात नहीं ..बाद माँ नहीं करना है .....अपना सा मुह लेकर अपने आप रह जायेंगे

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  4. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच

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  5. बहुत सुन्दर- धमाकेदार -आशुतोष जी लोगों की सोच अजब गजब होती है -चर्चा मंच पर चुने जाने के लिए बधाई
    हार्दिक आभार और धन्यवाद आप का आइये सब मिल हिंदी और साहित्य को अपने सीने से लगा इस समाज के लिए -जमीनी सच्चाई में उतर कुछ करें -शुभ कामनाएं
    शुक्ल भ्रमर ५

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  6. आशुतोष जी, आप मेरे बहुत प्रिय हैं. आपसे बेहतर शायद ही कोई है जो मुझे इतनी अच्छी तरह जानता हूँ. मैं समझ रहा हूँ तीर कहा चला है. एक साझा मंच मैंने आपकी बातो पर ध्यान रखते हुए ही बनाया है. हिंदुस्तान की आवाज़, जहा बिना रोक टोक के कुछ भी लिखा जा सकता है. जिस तरह आपको इस मंच की जिम्मेदारी मैंने पूर्ण रूप से सौंप दी है, उसी तरह रूबी सिन्हा जी को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. महाशय आपकी प्रतियोगिता अब रूबी जी से होगी सावधान रहिएगा. कही आपको पीछे न छोड़ दे, उन्होंने कहा है की आर्कुट पर उनके ३५० मित्र हैं. सब सहयोग करेंगे. और महिला ब्लोगर भी साथ दे सकती हैं.
    आपको बता दे की "भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" बाबा विरोधी मंच नहीं है जनाब, वहा पर विभिन्न विचारधारा के भारतीय लेखक हैं. जो अपनी अभिव्यक्ति रचना के माध्यम से करते हैं. और मैं तो बाबा का समर्थक हूँ. क्यों आरोप लगते हैं जनाब. खैर आपके सभी आरोप शिरोधार्य है.

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  7. चर्चा मंच पर चुने जाने के लिए मेरी तरफ से बधाई.

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  8. मैं अपनी बहनों से प्रतियोगिता नहीं करता ..दोनों मंचों के विषय अलग है..
    इस मंच पर ज्यादातर लोग हिंदीभासी प्रेदेशो के हैं या वहां से भावनात्मक लगाव रखने वाले..
    रूबी जी के मंच क लिए बधाइयाँ

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