मंगलवार, 14 जून 2011

सच को जाने

सिगरेट बनाने वाली एक कंपनी है आईटीसी। भारत में इसका नाम है "इंडियन टोबैको कंपनी" अमेरिका में इसका नाम है "अमेरिकन टोबैको कंपनी"

ये सिगरेट बनाने वाली कंपनी है और लाखों करोड़ रुपया देश से ले जाती है। यही नही जब कैंसर से हमारे देश के लोग पीड़ित हो जाते हैं तो कैंसर पर होने वाला खर्चा अलग होता है।

सिगरेट का कागज सबसे ज्यादा कीमती कागज होता है। जब यह कंपनी पांच सौ सिगरेट बनाती है तो एक पेड़ कट जाता है। और इस कंपनी की इस देश में बीस अरब से ज्यादा सिगरेट बिकती हैं। लगभग चौदह करोड़ पेड़ यह कंपनी हर साल इस देश में कटवा देती है।

सबसे दु:ख और दर्द की बात ये है कि यदि यह कंपनी इतने पेड़ कटवा देती है तो वह कोई अपराध नही है जबकि एक गांव का आदमी खाना बनाने के लिए जंगल से पेड़ काटकर कुछ लकड़ियां ले आता है तो उसे जेल हो जाती है।

सबसे बड़ी हास्यास्पद स्थिति तो ये है कि आप अपना लगाया पेड़ भी नही काट सकते हैं क्योंकि यह कानूनन जुर्म है।

इसका मतलब है कि भारत की सरकार भारत के आम लोगों के लिए नही बल्कि आईटीसी जैसी कंपनियों के लिए चल रही है।

पूरा वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें
www.youtube.com/watch?v=NauR_ugGSzg


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4 टिप्‍पणियां:

  1. तरुण भारतीय जी बहुत ही सुन्दर और सार्थक लेख -काश लोग इस से होती क्षति को गंभीरता से लें और अपना अमूल्य जीवन बचा लें साथ ही पर्यावरण भी
    शुक्ल भ्रमर ५

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  2. बिल्कुल सही कहा है आपने ! आपकी लेखनी की जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है!

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  3. तरुण भारतीय जी बहुत ही सुन्दर और सार्थक लेख

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  4. अर्थ व्यवस्था के दोष को रेखांकित करती उत्प्रेरक पोस्ट .आभार .यही तो दिक्कत है दोश्त यहाँ भी और वहां (अमरीका )भी यही तो लोबी सरकार चला रही है ,साथ में वन माफिया .
    पेड़ पांडवों पर हुआ जब -जब अत्याचार ,ढांप लिए वट -वृक्ष ने तब तब दृग के द्वार .ये तम्बाकू लोबी संसद में विराजमान है यही वे लोग हैं जो सिगरेट पर पिक्तोरिअल वार्निंग नहीं लाने देते .

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