शुक्रवार, 5 अगस्त 2011

आज का राजा .... एक मुर्ख विद्वान्


आज का राजा .... एक मुर्ख विद्वान् मोनू की तरह ही एक राजा था जिसने दिल्ली की सल्तनत पर राज किया  था उसका नाम  सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक. मुहम्मद बिन तुग़लक वैसे तो विद्वान था, लेकिन उसने जितनी भी योजनाएं बनाईं, वे असफल रहीं. इतिहास में यह अकेला सुल्तान है, जिसे विद्वान-मूर्ख कहकर बुलाया जाता है. मुहम्मद बिन तुगलक के फैसलों से ही तुग़लकी फरमान का सिलसिला चला. तुग़लकी फरमान का मतलब होता है कि बेवक़ू़फी भरा या बिना सोच-विचार किए लिया गया फैसला. वह इसलिए बदनाम हुआ, क्योंकि उसने अपनी राजधानी कभी दिल्ली तो कभी दौलताबाद तो फिर वापस दिल्ली बनाई. इतिहास से न सीखने की हमने कसम खाई है हमारा मोनू भी यही कर रहा है अब बेचारा मोनू अकेला क्या क्या करे वह तो सिर्फ एक अदना सा अर्थ- शास्त्री है शास्त्री है लकिन अर्थ का ज्ञान तो हमारे मोनू को नहीं है अर्थ का मजा सिर्फ राजा लोग ही ले सकते है न की  एक मुर्ख विद्वान् मोनू ....

जय बाबा बनारस...

2 टिप्‍पणियां:

  1. जय हो बाबा बनारस..
    सही कहा आपने..मौनू तो मौन है..करने वाली मैडम की फ़ौज है

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