बुधवार, 13 जुलाई 2011

दुर्घटना फल लापरवाही का -

दुर्घटना फल लापरवाही का -
पठान कोट से जालंधर पंजाब आ रहे दो ट्रक की भिडंत देख ह्रदय काँप गया ,
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यों तो रोज ही कुछ न कुछ दुर्घटनाएं देख मन भर चुका है और हमेशा इसे सहने सुनने के लिए तैयार रहता है फिर भी जब कुछ आप के सामने या आस पास घटे तो मन को दर्द / पीड़ा और कराह देख बहुत ही चोट पहुँचती है और हम बहुत कुछ सोचने पर मजबूर हो जाते हैं -
आज की घटना में पठानकोट से जालंधर आ रहे- काला बकरा रेलवे स्टेशन के निकट- एक ट्रक ने सामने जा रहे दूसरे ट्रक को जो की गति धीमी कर बांये मुड़ना चाह रहा था करीब सुबह छः बजे, जोरदार टक्कर मार दी, सामने जा रहे ट्रक का केवल टायर फटा और पीछे के ट्रक चला रहे खलासी की दोनों टाँगे टूट गयी -पेट में गहरी चोट -सिर में गहरी चोट -सड़क पर खून फैला -देखने वाले की भी हालत ख़राब हो जाती -गंभीर अवस्था में, जिन्हें की प्रभु ही शायद बचा सके -बेहोशी की हालत में आनन् फानन में अम्बुलेंस से जालंधर अस्पताल रवाना किया गया -
उसका वास्तविक चालक जो की खलासी को ट्रक चलाने को दे सो रहा था भी बेहोश, न जाने कितना क्या कहाँ लगा -
हमारा मकसद सिर्फ इतना कि हम क्यों ये सब देख गंभीर नहीं -लापरवाही बरतते चले जा रहे , अपनी जान गंवाने –
आइये गाडी चलाते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखें -
१- अगर थके हैं-नींद में हैं तो कृपया आराम कर , कहीं भी रुक -चाय पानी पी -मुह धो फिर -गाडी चलायें -या केवल विश्राम करें -
२- सुबह या रात खाली सडक देख गाडी को तेज न दौडाएं कुछ भी बाधा पल भर में आ जाती है सीमा में रहें
३-कभी भी मुख्य सडक पर तो नए चालकों को गाड़ी चलाने के लिए हरगिज न दें-सिखाने के और भी जगह खाली मैदान खाली सड़के हैं
४-नशे की लत से बचें और नशे की हालत में कहीं आराम ही फरमाएं दूसरों की जान भी जोखिम में न डालें
५-हमेशा ओवर टेकिंग करते समय अपनी संतुलित चाल का ध्यान रखें और सिग्नल पर नजर रखें -जल्दबाजी में ओवर टेक न करें
६-गाडी कहाँ चलायी जा रही है वहां की भौगोलिक स्थिति जैसे पहाड़ी , घाटी या घुमावदार रास्ते में समतल की अपेक्षा लगभर आधी या बहुत धीरे ही चलें -शहर में हों तो वहां के नियम अगल बगल से गाड़ियों के दौड़ने और अति गति सीमा में दौड़ रही गाड़ियों का ख्याल रखें
७-मालवाहक गाड़ियों में ओवर लोड कतई न करें और पहाड़ी जगह में तो बिलकुल नहीं -कुछ लम्बी चीजें सरिया सी लदी हैं तो लाल झंडे का इस्तेमाल और रात में लाल बत्ती का इस्तेमाल अवश्य करें
८-जगह जगह पर लगे चेतावनी बोर्ड को पढ़ें नजर अंदाज न करें
अगर हम इस तरह की बातों का ध्यान रखें तो अपने बच्चों घर परिवार को एक संकट देने और अपना अमूल्य जीवन गंवाने से बच सकते हैं –
९- आप के दायें बाएं लगे शीशे बहुत ही काम के हैं इन्हें सही अवस्था में रखें और इनका उपयोग करते रहें याद रखें चालक को छः आँखें रखनी होती है हर तरफ देखने के लिए

१०- अपने वाहन के मुख्य कलपुर्जों की -टायर की जांच नियमित करते रहें !

११- कोई भी वाहन चलाते समय कृपया मोबाईल फोन पर बात न करें , ये आप का दिल और दिमाग आप से होती विषय वस्तु पर ले कर चला जाता है और आप का एक पल भी सड़क पर से दिमाग हटना दुर्घटना को निमंत्रण दे सकता है ! कृपया धीरे हों गाड़ी एक तरफ लगा के बात कर फिर आगे बढ़ें !


सब की यात्रा शुभ और मंगलमय हो
शुक्ल भ्रमर ५
१३.०७.२०११
जल पी बी

3 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी नजरिये से पूरी तरह सहमत |
    आप की क़लम से ऐसे शाहकार की ही उम्मीद रहती है|

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  2. मदन भाई आभार आप का प्रोत्साहन के लिए सुन्दर प्रतिक्रिया और दुर्घटना टालने पर मिले आप के समर्थन से हर्ष हुआ

    शुक्ल भ्रमर ५
    भ्रमर का दर्द और दर्पण
    बाल झरोखा सत्यम की दुनिया

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  3. सही कथन व परामर्श.....सावधानी हटी, दुर्घटना घटी ....पर सब मानें तो....

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