बुधवार, 20 अप्रैल 2016

तुम तो जिगरी यार हो

तुम तो जिगरी यार हो
==================
दोस्त बनकर आये हो तो
मित्रवत तुम दिल रहो
गर कभी मायूस हूँ मैं
हाल तो पूछा करो ..?
-------------------------------
पथ भटक जाऊं अगर मैं
हो अहम या कुछ गुरुर
डांटकर तुम राह लाना
(मित्र है क्या ........?)
याद रखना तुम जरूर
------------------------------
तुम हो प्रतिभा के धनी हे ! 
और ऊंचे तुम चढ़ो
पर न सीढ़ी नींव अपनी
सपने भी -भूला करो
------------------------------
हे सखा या सखी मेरे
प्रेम के रिश्ते बने हैं
सम्पदा ये महत् मेरी
भाव भक्ति के सजे हैं
--------------------------------
जिसको मानो तुम प्रभू सा
मान नित दिल से करो
कृष्ण सा निज भूल करके
मित्र की पूजा करो
--------------------------------
जितने  गुण  हैं मित्र में  वो
ग्रहण कर तू बाँट दे
बांटने से और बढ़ता
परख ले पहचान ले
---------------------------------
सुख भी मिलता मन है खिलता
आत्म संयम जागता है
भय हमारा भागता है
ना अकेले हम धरा पर
संग तुम -परिवार हो
खिलखिला दो हंस के कह दो
तुम तो जिगरी यार हो
=================
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर ५
कुल्लू हिमाचल भारत
१५.४.२०१६
८ पूर्वाह्न -८.१४ पूर्वाह्न 

शुक्रवार, 15 अप्रैल 2016

शाहरुख का फिर ऊल जलूल बयान


फिल्म स्टार शाहरुख खान ने इंडिया टीवी के प्रोग्राम जनता की अदालत”   के एक प्रोग्राम में, जिसका प्रसारण कल शनिवार को किया  जाना है,  रजत शर्मा के सवालों का जवाब देते हुए अपने पिछले असहिष्णुता के बयान पर बहुत सफाई दी. ये  कहना अप्रासंगिक नहीं होगा कि यह सफाई उनकी आगामी फिल्म फेनके रिलीज होने के उपलक्ष में की गई है. अपने परिवार के देशभक्त होने के दावे को मजबूत करते हुए और  अपनी स्थिति  साफ करते  करते उन्होंने एक बहुत लंबा, बेतुका और हास्यापद दावा कर दिया कि उनसे बड़ा देशभक्त हिंदुस्तान में कोई नहीं है.

हिंदुस्तान का सबसे बड़ा देशभक्त  होने का दावा इतना मूर्खतापूर्ण है के इससे उनकी मानसिक स्थित का पता चलता है. अपने दावे से उन्होंने  125 करोड़ की जनसंख्या वाले  हिंदुस्तान में सबको अपने से छोटा कर दिया. इससे कम से कम इतना  संदेह तो  हो ही गया कि वे पूरे देशभक्त तो नहीं हैं या फिर उनमे बुदधि  और विवेक की काफी कमी है . इससे ये भी सिद्ध होता है कि परदे का हीरो असल जिन्दगी में जीरो भी हो सकता है.

 एक बहुत सामान्य जानकारी का व्यक्ति भी बहुत आसानी से  समझ सकता है कि उनके बयान में कितना अहंकार है और शायद इसी अहंकार की वजह से पिछली बार  दर्शकों ने उनका मानमर्दन किया था. सोशल मीडिया पर उनकी बहुत भद्द  हुई थी. लोगों ने उनकी फिल्मों का बायकाट करना शुरू किया था और इसका बहुत नुकसान  उनको भुगतना पड़ा था. इसके लिए उन्होंने पूरी जनता से माफी भी मांगी थी लेकिन फिर भी अपनी आगामी फिल्म को ध्यान में रखते हुए नुकसान की भरपाई को पूरा करने के लिए जानबूझ कर सफाई दी. और तो और इंडिया टीवी के रजत शर्मा ने आज दिनांक १५ अप्रैल को शो टेलीकास्ट होने के एक दिन पहले ही इस प्रोग्राम के चुनिन्दा अंश  प्राइम टाइम के प्रोग्राम आज की बात जो मूलत: समाचारों का कार्यक्रम हैमें विस्तार से दिखाए. प्रोग्राम के शुरू के १० मिनट में सिर्फ शाहरुख़ खान की शहनाई बजाई गयी. कल १६ अप्रैल को शाहरुख़ की फिल्म रिलीज हो रही है और आज का ये प्रचार  सयोंग नहीं हो सकता. हालाकि शाहरुख़ खान विभिन्न चैनलों पर और विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में जाते रहे हैं.

ईश्वर ऐसे सभी लोगो को सद्बुद्धि दे जिससे वह सच्चे देशभक्त बनने का प्रयाश कर सकें.
*************************************************************
                              -शिव प्रकाश मिश्र

शुक्रवार, 11 मार्च 2016

JNU छाप बुद्धिजीवी वर्ग में पाँव पसारती #Congiunism की विचारधारा


भारत में एक नयी विचारधारा का जन्म हो रहा है..कांग्रेस और कम्युनिज्म के देशद्रोही गठबंधन की जिसमें इस्लामिक जेहाद और हिन्दू विरोध का स्वाभाविक सा तड़का लगा हुआ है..इसे मैंने #Congiunism का नाम दिया है..
जानिये इस #Congiunism के मूल तत्व क्या हैं..
ये कांग्रेस और कम्युनिष्ट की सम्मिलित विचारधारा है..
 ये भारत को जोड़ने में नहीं बल्कि तोड़ने में विश्वास रखती है 
ये कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानते.
ये लोग दुर्गा माता को वेश्या कहते हैं..
ये लोग भारतीय सेना के जवानो की मौत का जश्न मनाते हैं.
 ये भारतीय सेना के लीगों को बलात्कारी कहते हैं.
 इनके आदर्श अफजलगुरू हैं.
 ये जेएनयू दिल्ली में ज्यादा मिलते हैं।
 इनके प्रमुख सहयोगी राहुल गांधी,अरविन्द केजरीवाल,ABP News,NDTV और आज तक हैं..
आशुतोष की कलम से 

ट्विट@ashu2aug
कृपया इस विचारधारा के महान विचार सबसे शेयर करें...

भारतीय सेना बलात्कारी है: कांग्रेसी सपोला कामरेड कन्हैया

कांग्रेस,कम्युनिष्ट और केजरीवाल का पाला हुआ एक सपोला अपनी जेएनयू की बिल से बोल रहा है की भारतीय सेना बलात्कारी है..
मेरा प्रश्न उस सपोले से नहीं उसे दूध पिलाने वाले कांग्रेसी,वामपंथी और केजरीवाल की टोपी गैंग से है।
बाढ़ से लेकर पुल बनाने तक सेना चाहिए। जब आतंकवादियों से तुम्हारी पैंट गीली पीली हो तो भी सेना चाहिए जब भूकंप में तुम्हारा घर तबाह हो तो सेना चाहिए और जब सीमा पर गोली चले तब तो सेना चाहिए ही..कई कांग्रेस,वामपंथी,केजरीवाल जैसे नेताओं ने अपने घरों की महिलाओं की सुरक्षा में सेना को तैनात कर रखा है तो अगर सेना बलात्कारी है तो तुम सबकी बहनो,बेटियों और पत्नियों का बलात्कार हुआ होगा जिन्होंने सैनिको की सुरक्षा या सेवा ली है..
सबसे पहल प्रश्न तो जेएनयू के गद्दारों के साथ खड़े राहुल गांधी के वंशावली पर हो जायेगा क्योंकि उनके नाना,दादी,दीदीमम्मी सबने भारतीय सेना की सेवाएं ली हैं और ले रही हैं.केजरीवाल जी आप की बिटिया और पत्नी भी यदा कदा सुरक्षा लेती हैं..वामपंथियों का क्या कहना सेना के जवान के मरने का जश्न भी मनाते हैं और सुरक्षा में सेना का जवान भी चाहिए..
यदि सेना बलात्कारी है तो 24 घंटे सेना के भरोसे साँस लेने वालों तुम सब अपने पिता की संतति कैसे हो गए??तुम सबकी बाप हुई #भारतीय_सेना..
कांग्रेसियों,कम्युनिष्ट और केजरीवाल के गुंडों Narendra Modi को गाली देना स्वीकार है मगर देश को या भारतीय सेना को गाली देकर तुम ये साबित कर दे रहे हो की तुम्हारे जन्म से माह पहले तुम्हारी अम्मीजान जरूर लाहौर के "हीरामंडी" का पर्यटन करके आई होंगी...

 आशुतोष की कलम से
 टवीट:  @ashu2aug

शनिवार, 5 मार्च 2016

अभिव्यक्ति की आजादी

अभिव्यक्ति की आजादी
=======================
पढ़ते हुए बच्चे का अनमना मन
टूटती ध्यान मुद्रा
बेचैनी बदहवासी
उलझन अच्छे बुरे की परिभाषा
खोखला करती खाए जा रही थी .......
कर्म ज्ञान गीता महाभारत
रामायण राम-रावण
भय डर आतंक
राम राज्य देव-दानव
धर्म ग्रन्थ मंदिर मस्जिद ..और भी बहुत कुछ ..
पी एच डी कर भी जेल जाना
गरीब अमीर परदा दीवार
आरक्षण भेदभाव मनुवाद सम्राज्य्वाद
सब मकड़जाल सा उलझा तो
बस उलझता गया…. दिमाग सुन्न.......
किताबें फेंकशोर में खो गया
गुड्डे गुड़िया के खेल में
अचानक क्रूरता हिंसा ईर्ष्या जागी
कपडे नोंच चीड़ फाड़ रौंद पाँव तले

नर- सिंह  सा हांफ गया ............................
आजादी -आजादी इस से आजादी उस-से आजादी या फांसी ?
अभिव्यक्ति की आजादी ...
कुछ लोगों की भेंड़ चाल झुण्ड देख
वह दौड़ा अंधकार में अंधे सा ....
माँ ने एक थप्पड़ जड़ा ..रुका ……
आँचल से पसीना पोंछ ..समझाया
बैठाया… प्यार से पोषित करदिखाया
देख !  चिड़िया भी अपना घर तिनके तिनके ला
बनाती  हैं घोंसला… उजाड़ती नहीं
बन्दर मत बन -….उजाड़ -आग -विनाश नहीं
जिस थाली में खाते हैं छेद नहीं करते
अपना घर परिवेश समाज देश समझ
संस्कार प्यार ईमान धर्म कर्म
तेरे खोखले पी. यच. डी. विज्ञान पर भारी हैं
भूख ..गरीबी जाति धर्म नहीं देखती
ये वाद .. वो वाद ..विवाद ही विवाद
सामंजस्य समझौता परख जाँच
जरुरी है महावीर बुद्ध ज्ञानी बनने हेतु
शून्य में विचर पानी में लाठी मत पीट
कुएं में एक भेंड़ कूदी
फिर सब सत्यानाश ...हाहाकार
जंगल राज ..अन्धकार से सहजता में
सरल बन ..शून्य बन
फिर ऊंचाइयों में चढ़ना आसान है
बच्चे ने आकाश की ऊंचाइयों में झाँका
कुछ आँका ..जाँचा
समझ गयी थी
आग लगाने से विकास नहीं होता
होता है विनाश ..नंगापन का नाच
भूख नहीं मरती
कटुता ही है बढ़ती
और हम जाते हैं ग्राफ में नीचे
पचास साल और पीछे
और फिर तिरंगा ले वह सावधान हो गया
वन्दे मातरम ..
जय हिन्द .....
उहापोह अब सुसुप्ति में चुका  था ...
=========================
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर
कुल्लू यच पी
-.५२ पूर्वाह्न

२८ फरवरी २०१६