बाबा या अन्ना का विरोध करें बड़ा ब्लोगर बने ....
मित्रों
आज कल एक नया फैशन चलाया है कांग्रेस समर्थकों ने या यूँ कह ले सरकारी दलालों ने..बाबा या अन्ना विरोध का...बाबा और अन्ना के आन्दोलन के बाद ये लोग इतने डरे सहमें हैं की जनता के गुस्से को भांप कर सारी सरकारी मशीनरी सक्रिय कर दी है बाबा और अन्ना के खिलाफ...अब सरकार प्रायोजित विज्ञापनों और विरोधो से जनता भटकने से रही क्यूकी सरकार की नियत पर से उसी दिन विश्वास उठ गया जिस दिन रात को सोते समय महिलाओं और बच्चों पर सरकरी गुंडों ने लाठी और गोलिया बरसाई ...अब सरकार के थिंक टैंक ने मीडिया को खरीदना शुरू किया...रातो रात अब तक तटस्थ रहने वालों पत्रकारों एवं सामूहिक ब्लोगों की निष्ठाएं बदलती गयी...अभी एक बहुत ही सम्मानित ब्लॉग पर देखा की उसके पास सारे टाप के लेखों में शुरू से अंत तक बाबा बिरोध और उनको अपशब्द लिखा गया था..
अब इसमें फायदा सरकार और उन लेखकों का भी है..जो अन्ना को बाबा को जितनी ज्यादा गाली देगा वो हिट रहेगा..कल तक जिनको कोई नहीं जनता बाबा को गाली दे लो सब जन जायेंगे..
जैसे मैं ब्याक्तिगत रूप से बात करू तो अयंगार (शायद कोई योग गुरु है??) को मैं नहीं जनता था जब बाबा को भला बुरा कहा सब जान गए...
बात लेखकों की हो रही है तो बाबा के समर्थकों को कोई नहीं नोटिस करेगा क्यूकी बाबा का समर्थन और सरकार का विरोध सबके मन में है इसलिए कोई नयी बात नहीं...पूरा देश इस सरकार से त्रस्त है ......तो अगर किसी ने लिखा कांग्रेस की बेईमान सरकार शायद कोई न ध्यान दे..मगर यदि खान्ग्रेश की ईमानदारी या उपलब्धि लिखी जाये तो कम से कम एक बार सबके मन में ये इच्छा रहेगी की जरा देख लें ..ठीक उसी प्रकार अगर कोई लेख बाबा के विरोध में लिखा जाये तो सरकारी दलालों की TRP मिलेगी ही बाबा या अन्ना समर्थक भी अपना पक्ष रखने जायेंगे..हो गया लेख और लेखक हिट....अब बात विरोध की चली है तो एक और ..हिट मुद्दा कई सम्मानित(??) लेखक अपने लेख में भगवा गुंडा शब्द प्रयोग करते हैं...अब उन लेखों को समझना चाहिए की ये भगवा ही है जो हिन्दुस्थान में बैठकर भगवे को गाली देते हो और जिन्दा हो...जरा पड़ोस में हरे रंग को गाली दे कर देखो(खैर वो तो भारत में भी नहीं दे सकते )..
बात लेखकों की हो रही है तो बाबा के समर्थकों को कोई नहीं नोटिस करेगा क्यूकी बाबा का समर्थन और सरकार का विरोध सबके मन में है इसलिए कोई नयी बात नहीं...पूरा देश इस सरकार से त्रस्त है ......तो अगर किसी ने लिखा कांग्रेस की बेईमान सरकार शायद कोई न ध्यान दे..मगर यदि खान्ग्रेश की ईमानदारी या उपलब्धि लिखी जाये तो कम से कम एक बार सबके मन में ये इच्छा रहेगी की जरा देख लें ..ठीक उसी प्रकार अगर कोई लेख बाबा के विरोध में लिखा जाये तो सरकारी दलालों की TRP मिलेगी ही बाबा या अन्ना समर्थक भी अपना पक्ष रखने जायेंगे..हो गया लेख और लेखक हिट....अब बात विरोध की चली है तो एक और ..हिट मुद्दा कई सम्मानित(??) लेखक अपने लेख में भगवा गुंडा शब्द प्रयोग करते हैं...अब उन लेखों को समझना चाहिए की ये भगवा ही है जो हिन्दुस्थान में बैठकर भगवे को गाली देते हो और जिन्दा हो...जरा पड़ोस में हरे रंग को गाली दे कर देखो(खैर वो तो भारत में भी नहीं दे सकते )..
अभी किसी ने बताया की एक BABA BIRODHI LEKHAK MANCH बनाये जाने का प्रयास हो रहा है..या तो नया सामूहिक ब्लॉग बनेगा या किसी स्थापित ब्लॉग में धीरे धीरे प्रबंधन को मिला कर या सेकुलर(हिंदी विरोधी) लोगो की जमात सक्रिय कर तथा सक्रिय हिन्दुओं को ठिकाने लगा उस स्थापित ब्लॉग को नया रूप धीरे धीरे दे दिया जायेगा....
मित्रों जब बाबा और अन्ना जैसे लोगो ने इस सरकार और कुछ बिके हुए बौधिक अंग्रेज खान्ग्रेसी गुलामों के खिलाफ अलख जगाई है तो हम सब का कर्तव्य है की उस नेक मकसद में सहायता करें न की चंद लेखकों के हाथ की कठपुतली बन के रह जाये..इसलिए किसी के विचारों पर हा जी या बहुत अच्छा लिखने से पहले सोच ले की ये किसी उभरते हुए लेखक की कविता नहीं जो उसे अति सुन्दर लिखकर आप प्रोत्साहन दे रहे हैं...आप का बाबा या अन्ना विरोधियों को प्रोत्साहन आप की आने वाली पीढ़ी को भयानक समस्याओं में डाल सकता है.. जयचंद इसी हिन्दुस्थान में पैदा हुए हैं और उनके धर्म पुत्र आज भी उस जयचंदी परम्परा को आगे बढ़ा रहें हैं..
आइये एक बार दोहराए अपने भविष्य के लिए अपने बच्चे और अपने परिवार की तरक्की के लिए कि बाबा हो या अन्ना हम उन सभी लोगों के साथ हैं जो इस भ्रष्ट व्यवस्था से हमें मुक्ति दिलाने में आगे आयें है...जिन्होंने लाखों विरोधों के बाद भी अपना आन्दोलन जरी रखा है..
जय हिंद